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तुम जैसे चाहोगी

तुम जैसे चाहोगी हम रह लेंगे तुम्हारी खुशियों के लिए थोड़ा बहुत दर्द भी सह लेंगे


अपने भी रूठ जाते हैं जब उनकी इच्छाएं पूर्ण नहीं होती कोशिश करता हूं उनको कोई तकलीफ ना पहुंचे फिर भी कोई ना कोई त्रुटि हो जाती है

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दिल रोम-रोम में तुम्हारा प्यार बसता है मीठी-मीठी बातों से मेरा हर ख्वाब सजता है गुफ्तगू करता हूं प्यार भरी नजरों से देखती हो मेरे अरमानों को अच्छी पहचान मिल रही है